International Journal of Academic Research and Development

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International Journal of Academic Research and Development
International Journal of Academic Research and Development
Vol. 2, Issue 3 (2017)

अपनी मौलिकता से दूर होती उच्च-शिक्षा


डाॅ0 अशोक कुमार दुबे

आज वैश्वीकरण के युग में शिक्षा के मायने बदल गये है। अपनी संस्कृति से उखड़कर विकास की अंधी दौड़ में आज का युवा अपनी जड़ांे से दूर जा रहा है। बचपन से जब बच्चा पढ़ना प्रारम्भ करता है तो उसके मन-मतिष्क में यह बात बहुत अच्छी तरह से बैठा दी जाती है कि उसे बड़े होकर ऐसी शिक्षा प्राप्त करनी है जिससे अधिक से अधिक धनोपार्जन कर सके। इसी भौतिकवादी सोच के परिवेश मंे बढ़ता हुआ बालक उपभोक्तावादी संस्कृति को अपनाता है और उच्च शिक्षा का एक मात्र उद्देश्य अधिक से अधिक धन कमाना ही सीखता है। सच तो यह है कि कम समय में अधिक से अधिक उत्पाद को बेच कर अपनी कम्पनी को लाभ दिलाने की प्रतिस्पर्धा में हम शिक्षा का सही अर्थ विस्मृत कर चुके है।
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डाॅ0 अशोक कुमार दुबे. अपनी मौलिकता से दूर होती उच्च-शिक्षा. International Journal of Academic Research and Development, Volume 2, Issue 3, 2017, Pages 273-274
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