International Journal of Academic Research and Development

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International Journal of Academic Research and Development
Vol. 1, Issue 3 (2016)

भारत-पाकिस्तान सम्बन्ध : द्विपक्षीय टकराव एवं समाधान


अवधेश कुमार

15 अगस्त, 1947 ई0 को ब्रिटिश इण्डिया के विभाजन के फलस्वरूप दो नए सम्प्रभु राष्ट्रों का विश्व मानचित्र के पट्ल पर उदय हो गया, किन्तु जिन परिस्थितियों में भारत व पाकिस्तान का उदय हुआ उनके आधार पर दोनों देशों में निरन्तर वैचारिक मतभेद बने रहे। दूसरे शब्दों में, ब्रिटिश इण्डिया का विभाजन हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच द्विराष्ट्र सिद्धान्त के आधार पर हुआ था और पाकिस्तानियों की दृष्टि में भारतीय राष्ट्रवाद हिन्दूवाद पर आधारित था और पाकिस्तानी राष्ट्रवाद इस्लाम पर। दोनों एक दूसरे से मूल रूप से भिन्न हैं। अतः दोनों में ऐक्य नहीं हो सकता, क्योंकि पाकिस्तान के अभ्युदय का प्रमुख कारण कुलीन मुस्लिम उच्च वर्ग का मानसिक भय था कि ब्रिटिश शासन की समाप्ति के पश्चात् मुस्लिम अल्पसमुदाय पर हिन्दू नियंत्रण स्थापित हो जाएगा। उनके इसी भय ने भारतीय संघ में अलगाववाद की प्रवृत्ति का बीज बोया, जबकि वास्तविकता यह है कि भारत-पाक विभाजन में दोनो सम्प्रदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक भिन्नताओं का ज्यादा हाथ नहीं था क्योंकि दोनों सम्प्रदाय (हिन्दू और मुस्लिम) सदियों से एक दूसरे के साथ रहते आ रहे थे। पहले से ही मुस्लिम हिन्दू शासक के अधीन और हिन्दू मुस्लिम शासक के अधीन एक ही राज्य में शान्तिपूर्वक रहते आयें हैं। यह एक राजनीतिक जाल ही था जिसके द्वारा वास्तविक रूप में धार्मिक अलगाववाद की ओर ध्यान आकर्षित हुआ।
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