International Journal of Academic Research and Development

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International Journal of Academic Research and Development
International Journal of Academic Research and Development
Vol. 1, Issue 3 (2016)

वेदव्यास का व्यक्तित्व एवं कृतित्व


श्याम सुन्दर शर्मा

मानवीय सभ्यता को व्यास द्वारा प्रदत्त योगदान के कारण संस्कृत जगत् में ही नहिं अपितु सम्पूर्ण मानवीय संसार में इनका सर्वाधिक सम्माननीय स्थान है। वैदुष्य परिपूर्ण सर्वाधिक ग्रन्थों का निर्माण करने का श्रेय इन्हें ही जाता है। व्यास को विरासत में श्रौत परम्परा मिली थी, इन्होंने उसे लेखन परम्परा मे परिवर्तित कर दिया। एतदर्थ माना जाता है कि व्यास ने ही लेखनपद्धति का आरम्भ किया तथासंस्कृत की वैदिक एवं लौकिक इन द्विविध धाराओं के पथ को प्रदर्शित किया है।

इस शोधपत्र में व्यास के वैयक्तिक जीवन से सम्बन्धित तथ्यों को प्रस्तुत किया गया है तथा व्यास ने जिन कालजयी कृतियों का सृजन किया है, उनसे सम्बन्धित विविध पक्षों का अन्वेषण किया गया है।

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श्याम सुन्दर शर्मा. वेदव्यास का व्यक्तित्व एवं कृतित्व. International Journal of Academic Research and Development, Volume 1, Issue 3, 2016, Pages 74-77
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